सरदार वलभभाई पटेल जी देश के उन चुनिंदा शखसियतों में से है, जिनका योगदान भारत को एकजुट और एक सम्पूर्ण देश बनाने में सबसे ज़्यादा रहा है। यही कारण है, की भारतीय सरक़ार ने उनके सम्मान में "स्टेचू ऑफ़ यूनिटी" का निर्माण करवाया है। इस पोस्ट में, आप जानेंगे स्टेचू ऑफ़ यूनिटी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (Amazing Facts about The Statue Of Unity), जो आपको शायद ही पता होंगी। 



   
1.  'स्टेचू ऑफ यूनिटी' को गुजरात की नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से लगभग 3.5 km की दूरी पर बनाया गया है।

2.  31 अक्टूबर 2018 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 'स्टेचू ऑफ यूनिटी' का उदघाटन भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया था।

3.  'स्टेचू ऑफ यूनिटी' दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है, इस मूर्ति की ऊंचाई 182 m रखी गयी है, इसके पीछे खास वजह यह है कि गुजरात विधानसभा में भी 182 सीटे है।

4.  इस मूर्ति से पहले दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति 'स्प्रिंग बुद्धा टेम्पल' की प्रतिमा थी। जोकि चीन में स्थित है। जिसकी ऊंचाई153 m है, पर यह प्रतिमा अब दूसरे नम्बर पर है।

5.  यह विशाल मूर्ति इतनी बड़ी है कि आप इसे  7 km की दूरी से भी देख सकते है।

6.  आधार सहित इस प्रतिमा की ऊंचाई 240 m है, जो कि खुद में ही एक रिकॉर्ड है।

7.  'स्टेचू ऑफ यूनिटी' के निर्माण के लिए लोहा दान कैम्पेन भी चलाया गया, जिसमे देश के करीब 5 लाख किसानों ने अपने घरो में पड़े हुए बेकार औजार दिए।

8.  इस विशालकाय प्रतिमा को बनाने में लगभग 2989 करोड़ रुपये खर्चा आया था।

9.  इस प्रतिमा को बनाने में करीबन 5700000 किलो ग्राम स्टील, 70000 टन सीमेंट और 1700 टन ब्रॉन्ज मेटल्स बलेड का इस्तेमाल हुआ है


10.  यह प्रतिमा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनी हुई है। इस मूर्ति के अलावा यंहा ट्राइबल म्यूजियम, एक गार्डन और बोटिंग की सुविधा भी दी गई है। 


11.  इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 1500 लोगो को रोजगार की सुविधा मिली है। 

12.  आप इस विशालकाय प्रतिमा का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है, की इस मूर्ति का चेहरा 40 फ़ीट, हाथ 70 फ़ीट और पैर 85 फ़ीट रखे गए है।

13.  इस प्रतिमा को बनाने का काम कंसोर्शियम को सौंपा था, इस कंसोर्शियम में माइकल ग्रेव्स आर्किटेक्चर एन्ड टर्नर शामिल है। ये कम्पनिया इससे पहले दुनिया की सबसे ऊंची इमारत 'बुर्ज खिलाफ' बना चुकी है।

14.  इस प्रतिमा को इस तरह से बनाया गया है, की भूकम्प और हवा इसे कोई नुकसान नही पहुंच सकती। इस पर 6.5 तीव्रता का भूकम्प और 220 km प्रति घण्टा रफ्तार वाली हवा का भी कोई असर नही होगा। 

15.  यह प्रतिमा पूर्ण रूप से जंगरोधी भी है।

16.  इस विशालकाय प्रतिमा को 4076 मजदूरों ने दिन रात मेहनत करके बनाया है तथा चीन के 100 कारीगरों ने भी इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

17.  इस प्रतिमा को बनाने में 85% तांबे सहित 4 धातुओ का इस्तेमाल हुआ है।

18.  'स्टेचू ऑफ यूनिटी' का डिज़ाइन पद्मभूषण सम्मानित राम वी. सुतार ने तैयार किया है, ये देश मे ही नही बल्कि पूरी दुनिया मे अपनी शिल्पकला के लिए जाने जाते है।

19.  यह मूर्ति सबसे कम समय मे बनने वाली मूर्ति है। इस मूर्ति का निर्माण कार्य 31 oct 2014 से शुरू होकर oct 2018 में खत्म हुआ। इस प्रतिमा की घोषणा मोदी जी ने oct 2010 को कर दी थी। उस समय यह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

20.  चीन की बात की जाए तो उन्हें 'स्प्रिंग बुद्धा टेम्पल' प्रतिमा बनाने में करीब 11 साल का समय लगा था और वंही भारत को इसे पूरा करने में महज 4 साल लगे।

21.  इस प्रतिमा के साथ 250 एकड़ जमीन पर फूलों का गार्डन भी बनाया गया है। इसमें आपको 100 से ज्यादा किस्म के फूल देखने को मिल जायेंगे।

22.  इस प्रतिमा को देखने के लिये दो तरह के टिकटों की सुविधा रखी गई है। इसमें एक टिकट 120 रुपये और दूसरे टिकट की कीमत 380 रुपये है। इस टिकट में आप गैलरी, म्यूजियम और वैली ऑफ फ्लावर को देखने का नजारा ले सकते है।

23.  इस प्रतिमा में लगी लिफ्ट के माध्यम से आप सरदार वल्लभभाई पटेल के ह्रदय तक जा सकते है और वादियों का लुत्फ उठा सकते है।

24.  इस प्रतिमा में व्यूअर गैलरी भी बनाई गई है, जिसमे 200 लोग एक साथ जा सकते है और नर्मदा डैम तथा आस पास के पहाड़ो का नजारा ले सकते है।

तो ये थे, स्टेचू ऑफ़ यूनिटी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (Amazing Facts about The Statue Of Unity) उम्मीद आपको पसंद आये होने, यदि हाँ तो आप इस पोस्ट को शेयर कर सकते है अपने दोस्तों के साथ।

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