Biography of Yuvraj Singh in Hindi|युवराज सिंह की जीवनी

Biography of Yuvraj singh in Hindi
Biography of Yuvraj singh in Hindi

Biography of yuvraj singh in hindi: दोस्तों आज हम एक ऐसी ‘शख्सियत’ के जीवन पर प्रकाश डालेंगे जो क्रिकेट के मैदान पर चैंपियन तो है ही लेकिन वो असल जिंदगी में भी चैंपियन है। जो स्टेज 1 कैंसर की स्थिति में भी देश के लिए खेलता रहा, जिसने अपने स्वास्थ्य को पीछे रखते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्य को हमेशा से ही आगे रखा। यह वह खिलाड़ी है जिसने भारत को t20 वर्ल्डकप और 50 ओवर के वर्ल्डकप में अहम भूमिका निभाई है, अगर वह भारतीय टीम में नही होता तो शायद ही भारत दो-दो विश्वकप जीत पाता। 
जी हां दोस्तो हम बात कर रहे है भारत के जाने माने दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj singh) की। जो मैदान पर अपने जुझारूपन व आक्रामकता के साथ साथ अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के लिये भी जाना जाता है। यह खिलाड़ी मैदान में बैट,बॉल व फील्डिंग से अपना 100% योगदान देता है। 
दोस्तों हम क्रिकेट के मैदान पर अपने पसंदीदा खिलाड़ी को चौके,छक्के मारते हुए तो देखते है,लेकिन हम उनके संघर्ष से बिल्कुल अनजान होते है, और उनका यह सँघर्ष ही हमारे सामने प्रेरणा का स्त्रोत बनता है, तो दोस्तों आप इस आर्टिकल में Biography of yuvraj singh in hindi (युवराज़ सिंह की जीवनी) से रूबरू होंगे

नाम युवराज सिंह भूंडेल
पेशाभारतीय क्रिकेटर (बल्लेबाज)

व्यक्तिगत जीवन
लम्बाईसे० मी०- 185
मी०- 1.85
फीट इन्च- 6’ 1”
जन्मतिथि12 दिसंबर 1981
जन्मस्थानचंडीगढ़, भारत
राष्ट्रीयताभारतीय
स्कूलडीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर 8, चंडीगढ़
कॉलेजज्ञात नही
डेब्यूटेस्ट में-16 अक्टूबर 2003 को न्यूजीलैंड के खिलाफ मोहाली में
वनडे (एकदिवसीय)– 3 अक्टूबर 2000 को केन्या के खिलाफ नैरोबी में
टी-20– 13 सितम्बर 2007 को स्कॉटलैंड के खिलाफ डरबन में
परिवारपिता – योगराज सिंह (अभिनेता, पूर्व क्रिकेटर और कोच)
माता– शबनम सिंह
भाई: जोरावर सिंह (अभिनेता )
पताब्लॉक-ए डीएलएफ सिटी (फेज 1), गुरुग्राम, हरियाणा

पसंदीदा चीजें
पसंदीदा क्रिकेटर्स
बल्लेबाज– सचिन तेंदुलकर , एबी डिविलियर्स, क्रिस गेल
गेंदबाज – लसिथ मलिंगा
पसंदीदा अभिनेताशाहरुख खान
पसंदीदा अभिनेत्रीकाजोल
पसंदीदा शॉटपुल शॉट
पसंदीदा व्यंजनकढ़ी-चावल, गोभी का पराठा, चाइनीज व्यंजन
निजी जीवन
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पत्नीहेज़ल कीच (ब्रिटिश मॉरिशियस मॉडल व अभिनेत्री)
बच्चेकोई नही

प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
गर्लफ्रेंड्सकिम शर्मा (अभिनेत्री )
दीपिका पादुकोण (अभिनेत्री )
रिया सेन (अभिनेत्री)
प्रीति जिंटा (अभिनेत्री)
मिनिषा लाम्बा ( मॉडल व अभिनेत्री)
धन/संपति संबंधित विवरण
संपति
258 करोड़ लगभग

युवराज सिंह(Yuvraj singh) का जन्म, परिवार,प्रारम्भिक शिक्षा व शुरुआती जीवन।


युवराज सिंह (Yuvraj singh) का जन्म भारतीय पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह(Yograj singh) के घर 12 दिसंबर 1981को चंडीगढ़ के पंजाबी परिवार में हुआ। उनकी माता का नाम शबनम सिंह(shabnam singh) है जोकि एक गृहणी है, उनका एक भाई भी है,जिनका नाम ज़ोरावर सिंह (zorawar singh) है। युवराज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई DAV public school से पूरी की है। क्या आप जानते है कि युवी बचपन मे *चाइल्ड आर्टिस्ट* के रूप दो पंजाबी फिल्मे मेहंदी संगण दी और पट सरदार जैसी फिल्मों में भी काम कर चुके है।


आपको बता दे कि युवराज के पिता योगराज सिंह(Yograj singh) भारतीय पूर्व क्रिकेटर है जो कि भारत के लिए 1 टेस्ट मैच व 6 वनडे भी खेल चुके है वह भारतीय टीम में एक तेज़ गेंदबाज़ की भूमिका भी निभाते थे। इसके अलावा यह मंझे हुई कलाकार भी है जो ‘गौरेया नु दफा करो, भाग मिल्खा भाग व साडी मर्जी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके है।

युवराज सिंह(Yuvraj singh) क्रिकेटिंग अभ्यास व रोलर स्केटिंग से क्रिकेटर तक का बनने का सफ़र।


आपको आश्चर्य होगा कि युवराज सिंह(Yuvraj singh) को बचपन में क्रिकेट के अलावा रोलर स्केटिंग व टेनिस में काफी रुचि थी।आपको बता दे कि युवराज अंतरराष्ट्रीय अंडर 14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल हासिल कर चुके है। युवराज एक इंटरव्यू में बताते है कि ‘जब वह गोल्ड मैडल जीतकर अपने घर गए थे तो उनके पिता ने उसे फेंक दिया था और कहा कि वे अपने क्रिकेटिंग करियर पर ध्यान दे’। युवी के पिता चाहते थे कि जो मैं नही कर पाया वो मेरा बेटा करे। वह अपने सपनो को अपने बेटे के माध्यम से पूरा करना चाहते थे, इसलिये वह युवराज़ को क्रिकेट खेलने पर ज़ोर दिया करते थे।


योगराज सिंह(Yograj singh) थोड़ी ग़ुस्सैल प्रकृति के है ,और वे चाहते थे कि युवराज क्रिकेट में ही अपने करियर को बनाये और उन्होंने अपने पिता की बात मानी और बल्ले और गेंद से नाता जोड़ लिया। आपको बता दे कि योगराज खुद ही अपने बेटे युवी को क्रिकेट का अभ्यास करवाया करते थे।
युवराज हर रोज़ DAV मैदान के 50 चक्कर मारा करते थे और उनके DAV स्कूल के पास ही एक ‘पेस अकादमी’ हुआ करती थी जंहा पर युवराज़ से बड़े उम्र के लड़के बॉलिंग का अभ्यास करते थे और योगराज सिंह उन लड़कों से युवी को बाउंसर्स फिकवाया करते थे। आपको आश्चर्य होगा की युवराज बिना हेलमेट के ही इन बाउंसर्स का अभ्यास किया करते थे क्योंकि उनके पिता का मानना था कि ‘विव रिचर्डसन’ भी हेलमेट नही पहनते थे ये भी नही पहनेगा.


युवराज का यह अभ्यास 5 सालो तक चला। कई बार तो यह खेल युवराज के लिये मजे से ज्यादा संघर्ष बन गया था। लेकिन इन विषम परिस्थियों ने युवराज को आंतरिक व मानसिक रूप से कठोर बना दिया। युवराज ने अपने पिता की निगरानी में ही क्रिकेट की बारिकियों को बड़ी बारीकी से सीखा लेकिन युवी के पिता योगराज व मां शबनम का यह रिश्ता लम्बे समय तक नही चल पाया और उनका तलाक़ हो गया और युवराज़ अपनी माँ के साथ ही रहने लगे।

युवराज सिंह(yuvraj singh) क्रिकेटिंग करियर की शुरुआत।


आपको बता दे कि युवराज सिंह(Yuvraj singh) ने क्रिकेट करियर की शुरुआत महज़ 13 साल 11 महीने की उम्र में साल 1995 को पंजाब की ओर से खेलते हुए जम्मू कश्मीर के खिलाफ की थी, वन्ही इन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू साल 1997 में उड़ीसा के खिलाफ की किया लेकिन वो इस मैच में कुछ ख़ास कमाल नही दिखा पाए और बिना खाता खोले आउट हो गए। 


वो कहते है ना ‘Form is temporary but class is permanent’। युवराज़ सिंह(Yuvraj singh) उस समय चर्चा में आये जब इन्होंने U-19 कूच बिहार ट्रॉफी में बिहार के खिलाफ खेलते 404 बॉल्स में 358 रन्स बना डाले। वन्ही इस प्रतियोगिता में युवी ने 3 शतक भी जड़े। “इस मुकाबले की ख़ास बात यह रही कि उस समय बिहार की टीम से ‘महेन्द्र सिंह धोनी’ भी खेल रहे थे”।


युवराज सिंह(Yuvraj singh) के इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टर्स की नज़र उन पर पड़ी और उन्हें साल 2000 में उन्हें U-19 विश्वकप में खेलने का मौका मिला वन्ही इस प्रतियोगिता में उन्होंने 103.57 की स्ट्राइक रेट से 203 रन बना डाले और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज़ से नवाजा गया। इस प्रतियोगिता में  युवराज के प्रदर्शन को देखकर यह ज्ञात हो चुका था युवी बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी है और इन्होंने इस तथ्य को 100% सत्य भी साबित किया।

युवराज सिंह(Yuvraj singh) अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू।


युवराज सिंह(yuvraj singh) दिन प्रतिदिन इस क्रिकेट के खेल में कमाल करते जा रहे थे, वन्ही युवी को ICC नॉकआउट ट्रॉफी के लिये साल 2000 में भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया। आपको बता दे की युवी (18 साल 296 दिनों की उम्र ) में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले 6वे सबसे युवा खिलाड़ी बने। युवराज सिंह(Yuvraj singh) ने अपना अंतराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में डेब्यू 3 oct 2000 को केन्या के खिलाफ किया। इस मैच में युवी को बल्लेबाजी का मौका तो नही मिला लेकिन उन्होंने 4 ओवर में महज़ 16 रन्स देकर किफ़ायती गेंदबाजी की। इस मैच में भारत को 208 रनों का लक्ष्य मिला। भारत ने महज़ 2 विकेट खोकर 209 रन्स बनाये और मुकाबला जीत गए।
दोस्तों युवराज की बल्ले की धार तब देखने को मिली जब भारत का मुकाबला उस समय की सबसे खतरनाक टीम ऑस्ट्रेलिया से था। इस मैच में उन्होंने फिर से सिलेक्टर्स को प्रभावित किया और 82 गेंद में शानदार 84 रन बनाए। लेकिन उनको अपने इस शानदार के बावजूद भी उन्हें टीम में आने के लिये 1 साल का इंतज़ार करना पड़ा। 


आपको बता दे कि युवराज को जुलाई 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट सीरीज में खेलने का मौका मिला और इन्होंने फिर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। दरसल हुआ कुछ यूं कि इंग्लैंड ने भारत के सामने 324 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। इस मैच में भारत ने शानदार शुरुआत की लेकिन कुछ अंतराल के बाद विकेट्स गंवाता गया एक समय ऐसा आया जब भारत 135-5 विकेट था, फिर युवराज़ सिंह क्रीज़ पर उतरे ओर उन्होंने मोहम्मद कैफ के साथ बेहतरीन साझेदारी कर भारत को अविश्वसनीय जीत दिलाई। यह पारी युवी के करियर के लिये ‘मील का पत्थर’ का साबित हुई। वन्ही युवराज़ ने कई अहम मौकों पर भारत को जीत दिलाई और वे भारतीय मध्यक्रम बलेबाज़ी का अहम हिस्सा बन चुके थे ,उस समय भारतीय टीम में सचिन, द्रविड़, सौरव गाउँगली व मोहम्मद कैफ जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे उनकी उपस्थिति में भारतीय बैटिंग लाइनअप में अपनी जगह बनाना खुद में ही बहोत बड़ी बात थी।


साल 2003 में युवी का चयन 2003 के विश्वकप में कर लिया गया इसमे भी उन्होंने शानदार बलेबाजी की और भारत को कई मुश्किल परिस्थितियों में भारत को जीत दिलाई। लेकिन भारतीय टीम फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हार गई। वन्ही युवराज़ के बल्ले से पहला शतक बांग्लादेश के खिलाफ आया लेकिन उनकी सबसे यादगार पारी उस समय की अजेय मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ रही जंहा इन्होंने 119 गेंदों में ताबड़तोड़ 139 रन बना डाले।


युवराज के वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया और उन्होंने टेस्ट डेब्यू 16 oct 2003 को मोहाली के मैदान में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया। इस टेस्ट मैच की पहली इनिंग में उनके बल्ले से 20 व दूसरी इनिंग में महज़ 5 रन् निकले, लेकिन दोस्तों वनडे क्रिकेट में तो उनका शानदार प्रदर्शन जारी था और अपनी शानदार बल्लेबाजी से नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे थे। साल 2005-2006 युवी के लिये काफी भाग्यपूर्ण रहा जंहा पर इन्होंने पाकिस्तान व इंग्लैंड के खिलाफ हुई सीरीज में अपने बल्ले से खूब रन बरसाए। आपको बता दे कि इन्होंने इंग्लैंड् व पाकिस्तान के खिलाफ हुई सीरीज में 3 शतक व 4 अर्द्धशतक भी लगाए। 

युवराज सिंह(Yuvraj singh) 2007 T20 वर्ल्डकप में 


दोस्तों अब बारी थी 2007 की। इस साल भारत का अनुसूची (Schedule) काफी व्यस्त था। क्योंकि इस साल भारत को 50 ओवर वर्ल्ड कप व T20 वर्ल्डकप खेलना था। आपको बता दे कि इसी साल क्रिकेट को और मनोरंजक बनाने के लिए नए फॉर्मेट अर्थात क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट T20 का शुभारंभ हुआ।


दोस्तों सबसे पहले 50 ओवर के वर्ल्डकप का आगमन किया गया जोकि 13 मार्च 2007 से वेस्टइंडीज में खेला गया जिसकी मेज़बानी भी वेस्टइंडीज ही कर रहा था। इस प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में ही भारत को बांग्लादेश जैसी कमज़ोर टीम से हार का सामना करना पड़ा और अंत मे भारतीय टीम श्रीलंका से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गयी और भारत का वर्ल्डकप जितने का सपना धरा का धरा रह गया। वर्ल्डकप में इस फ़ज़ीहत (हार) के बाद राहुल द्रविड़ ने कप्तानी छोड़ दी और फिर कप्तानी की बागडोर युवा महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थमा दी और युवराज को उप-कप्तान बनाया गया।

50 ओवर के वर्ल्डकप के महज़ 6 महीने के भीतर ही अर्थात 11 sept 2007 T20 वर्ल्डकप का आगमन हुआ। जोकि साउथ अफ्रीका में खेला गया। दोस्तों अगर T20 वर्ल्डकप की बात हो युवराज सिंह(Yuvraj singh) का ज़िक्र न हो ऐसा तो मुमकिन ही नही है। इस प्रतियोगिता में युवी के बल्ले से खूब रनों की बारिश हुई और उनके बल्ले से एक ऐसा रिकॉर्ड निकला जिसने दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों को दांतो तले उंगली चबाने को मजबूर कर दिया। दरसल युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड की 6 बॉलों में 6 छक्के मारकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जोकि हमेशा के लिये इतिहास के पन्नो में विराजमान हो गया। आपको बता दे कि युवी से पहले गैरी सोबर, हर्षल गिवस व रवि शास्त्री भी 6 बॉल में 6 छके मार चुके है लेकिन युवी दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज़ है जिन्होंने वर्ल्ड क्लास फ़ास्ट बॉलर के खिलाफ के 6 छक्के मारे हो युवी ने इसी के साथ इनिंग में 12 गेंदों में ताबड़तोड़ 50 रन बना डाले और उनके इस रिकॉर्ड आज तक कोई नही तोड़ पाया है। भारत ने इस प्रतियोगिता के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर वर्ल्डकप अपने नाम किया।


युवराज़ सिंह(yuvraj singh) भारतीय टीम के मिडिल आर्डर का अहम हिस्सा बन गए थे वे अपने बल्ले व गेंदबाजी के साथ साथ फील्डिंग में अहम योगदान देते है उनकी गिनती दुनिया के सबसे तेज़ तर्रार फील्डरों में होती है।

युवराज सिंह(Yuvraj singh) 2011 वर्ल्डकप में।


अब बारी थी 2011 में होने वाले 50-50 वर्ल्डकप की जिसकी मेज़बानी भारत कर रहा था। इस प्रतियोगिता से पहले युवराज़ के जहन में 2003 वर्ल्डकप फाइनल की हार व 2007 वर्ल्डकप के पहले ही दौर में बाहर हो जाने के वो जख्म आज भी ताज़ा थे। लेकिन उनको तो कुछ और ही मंजूर था। उस साल युवी के आदर्श सचिन तेंदुलकर का भी यह आखिरी वर्ल्डकप था। युवी के साथ साथ पूरी भारतीय टीम यह वर्ल्डकप जिक्र उनको शानदार विदाई देना चाहती थी। आप तो जानते है कि युवी बड़े मैचों के बड़ा खिलाड़ी है और उन्होंने इस कथन को 100 % सत्य भी साबित किया। इस प्रतियोगिता में यूवी विरोधी टीम के गेंदबाजों पर जमकर बरसे, उन्होंने इस पूरी प्रतियोगिता के 9मैचों में शानदार 362 रन बनाए जिसमे 1 शतक व 4 अर्धशतक शामिल थे और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। साथ ही साथ उन्होंने गेंदबाजी में शानदार हाथ दिखाए व कुल 15 विकेट झटके और भारत ने फाइनल मैच में श्रीलंका को हराकर यह वर्ल्डकप अपने नाम किया जिससे कि पूरा देश झूम उठा।

Biography of Yuvraj Singh in Hindi
Biography of Yuvraj Singh in Hindi


लेकिन दोस्तों 2011 में विश्वकप जीत के बाद पूरा देश खुशी से झूम रहा था लेकिन युवी अंदर ही अंदर एक जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। कहा जाता है कि उन्हें वर्ल्डकप से पहले ही साँस लेने में दिक्कत हो रही थी लेकिन उन्होंने इसे गम्भीर नही लिया और अपनी सेहत से पहले देश के प्रति अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी। जैसे ही युवी के फेफड़ो में tumour की सटीक पुष्टि हुई तो जैसे पूरे देश मे पूजा पाठ व दुआओ का दौर शुरू हो गया। उन्होंने अपना इलाज अमेरिका के बोस्टर्न शहर “कैंसर अनुसंधान संस्थान” में करवाया। लेकिन इन्होंने इस लाइलाज बीमारी का एक चैंपियन की तरह सामना किया उन्होंने न सिर्फ इस बीमारी को हराया बल्कि मैदान में भी शानदार वापसी की। उन्होंने इस बीमारी को मार्च 2012 में मात दी। आपको बता दे कि युवी ने एक NGO (You we can) भी खोल रखा है जिसमे वह पीड़ितों की मदद करते है व उन्हें इस बीमारी के प्रति उन्हें जागरूक भी करते है। 

युवराज सिंह(Yuvraj singh) आईपीएल करियर.


आपको बता दे युवी दिल्ली डेयरडेविल्स, किंग्स 11पंजाब, मुम्बई इंडियंस व RCB जैसी टीमों की ओर से खेल चुके है। साल 2015 में युवी को दिल्ली डेयरडेविल्स ने 16 करोड़ रुपये की भारी भरकम कीमत में खरीदा था। आपको बता दे कि युवी ने IPL के 132 मैच खेले है जिसमे उन्होंने 2750 रन बनाए है इस दौरान इनके बल्ले से 13 अर्धशतक निकले है व इनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 83 है.

युवराज सिंह(Yuvraj singh) की अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा।


युवी ने 10 जून 2019 को सभी को चौकाते हुए अंतराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया इस दौरान वो थोड़े भावुक भी दिखे।
युवराज सिंह(Yuvraj singh) वनडे करियर:
युवी ने 304 वनडे मैच में 8701 रन बनाए है जिसमे 14 शतक व 52 अर्धशतक शामिल है व इन्होंने 111 विकेट्स भी झटके है। इसमे इनका सर्वोच्च स्कोर 150 है।


युवराज सिंह(Yuvraj singh) टेस्ट करियर:
युवी का टेस्ट करियर ज्यादा लम्बा तो नही चला पर वो जितना समय टीम के साथ जुड़े उतना ही लाजवाब खेले। आपको बता दे कि युवी ने 9 dec 2012 को ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था,उन्होंने भारत के लिये 40 टेस्ट मैचों में 1900 रन बनाए है। इस दौरान इनके बल्ले से 3 शतक व 11 अर्धशतक निकले। जिसमे इनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 169 है।

युवराज सिंह(Yuvraj singh) टी 20 करियर: वन्ही युवी ने अपने T20 करियर में 58 मैचों की 51 इनिंग्स 1177 रन्स बनाये है जिसमे उनका सर्वाधिक स्कोर 77 है जिसमे की 8 अर्धशतक भी शामिल है और इन्होने 28 WICKETS भी झटके है.

युवराज सिंह(Yuvraj singh) लव लाइफ व अफेयर्स:


युवराज सिंह की क्रिकेट लाइफ के साथ साथ लव लाइफ भी हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। इस दौरान इनका नाम कई अभिनेत्रियों से जुड़ा। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम बॉलीवुड एक्ट्रेस “किम शर्मा” का आता है उनका यह रिश्ता काफी लंबे समय तक चला लेकिन शादी वाला मुकाम हासिल नही कर पाया। आपको बता दे कि युवी के लव अफ़ेयर की सूची काफी लंबी है जिसमे दीपिका पादुकोण,रिया सेन, मिनिषा लांबा व प्रति जिंटा का नाम भी शामिल है।
लेकिन युवी ने इन सभी बातों को दरकिनार करते हुए 30 नवम्बर 2016 हेज़ल कीच से शादी के बंधन मेंबन्ध गए। आपको बता दे कि हेज़ल कीच ब्रिटिश मॉरिशियस मॉडल व एक्ट्रेस है।

युवराज सिंह(Yuvraj singh) से जुड़े कुछ दिलचस्प रिकॉर्ड व उपलब्धियां।

  • 1.  युवराज सिंह पूरे विश्व मे ऐसे एकमात्र बल्लेबाज है जिन्होंने 2007 के T20 विश्वकप वर्ल्ड क्लास फ़ास्ट के खिलाफ 6 बॉल में 6 छक्के मारे थे।
  • 2.  आपको बता दे कि युवी 2011 के विश्वकप में 300 से अधिक रन व 15 विकेट्स लेने वाले पहले ऑलराउंडर थे।
  • 3. युवी ने 2007 के T20 विश्वकप में 12 गेंदों में तूफानी 50 रन बनाए थे, उनके इस रिकॉर्ड के आस पास तक कोई भी नही पहुँच पाया है।
  • 4. आपको आश्चर्य होगा कि युवी भी 1 ओवर में 6 छक्के खाने से बाल बाल बच गए थे। दरसल 5 sep 2007 को इंग्लैंड के ओवल में खेले गए वनडे मैच में इंग्लैंड के “दमित्री मसकेहेटेन्स” युवराज के 1 ओवर में 6 छके लगा चुके है।
  • 5.  युवराज सिंह IPL के एक सीजन में 2 हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज़ है।
  • 6.  आपको बता दे कि युवी U-19 विश्वकप, 2007 T20 वर्ल्डकप व 2011 के वर्ल्डकप में ‘मैंन ऑफ द सीरीज’ रह चुके है। ऐसा कारनामा करने वाले वो इकलौते बल्लेबाज़ है।
  • 7.  युवी ICC टूर्नामेंट के 6 फाइनल्स खेल चुके है।
  • 8.  आपको बता दे कि युवराज अंतरराष्ट्रीय अंडर 14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल हासिल कर चुके है। 
  • 9.  युवी का लकी नम्बर 12 है।
  • 10.  साल 2013 में युवी ने अपनी ऑटोबायोग्राफी “The Test of my life” क्रिकेट से लेकर कैंसर तक रिलीज की।

युवराज सिंह(Yuvraj singh) को प्राप्त अवार्ड्स व उपलब्धियां:

  • युवराज को साल 2012 में भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा भारत के दूसरे सबसे बड़े खेल अवार्ड ‘अर्जुन अवार्ड’ से नवाजा गया है।
  • युवी को साल 2014 में पद्मश्री अवार्ड से भी नवाजा गया है।
  • आपको बता दे कि युवी को फरवरी 2014 मे साल के सबसे प्रेरणादायी खिलाड़ी के रूप में FICCI अवार्ड से भी समानित किया गया है।
  • सन 2011 के ICC वर्ल्डकप में इन्हें “मैन ऑफ़ दा टूर्नामेंट के अवार्ड” से भी नवाज़ा गया .

तो दोस्तों यह थी Biography of Yuvraj singh in Hindi. आज भले ही युवराज सिंह(Yuvraj singh) ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो लेकिन उनके द्वारा देश के प्रति किये गए असाधारण कार्यो से हमारे दिलों में हमेशा विराजमान रहेंगे। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नही मिलता जिसे कैंसर हो और इसके बावजूद भी वो मैदान पर वापसी कर पाया हो। सच मे युवी सच्चे चैंपियन है क्रिकेट में भी और असल जिंदगी में भी। उम्मीद है दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट Biography of Yuvraj singh in Hindi ज्जरुर पसंद आई होगी अगर हाँ तो आप इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों क साथ भी शेयर कर सकते हो .

यह भी पढ़े:-

Akshay Kumar Biography in Hindi (अक्षय कुमार की जीवनी )

क्रिस्टियानो रोनाल्डो की जीवनी (Cristiano Ronaldo Biography in Hindi)

Kapil Sharma Biography in Hindi ( कपिल शर्मा की जीवनी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *